Thursday, February 3, 2011

पं भीमसेन जोशी जी को श्रद्धांजलि

।। पं भीमसेन जोशी जी को श्रद्धांजलि ।।।

सुर साधे सब जियत जब , अब सुर साधै ताहि ।

सुर संगति के लाभ से , बसहि स्वरग मै जाहि ।।

सुर राखे सब कण्ठ मैं गाय सकल संसार ।

मिलै सुरन से सुरन कौ सूर करो साकार ।।

भीमसेन तन त्याग कै सुर समान हुइ जात ।

सुरग मध्य गंधर्व सम सप्त सुरन मय गात ।।

भीमसेन गाय यश पाये । सुर संवंध सवहि समुझाये ।।

मिलै सुर मेरा तुम्हारा । गाय सकल आज संसारा ।।

सेवा करि सुरन सब गाये । गायन की भाषा रम्भाये ।।

सुर साधि साधु सम माना । ज्ञानी सुर समान नहि जाना ।।

भीमसेन गावै जस जोशी । सुर संयोग योग नहि दोषी ।।

स्वास साधि सुर वस मै कीन्हें । गाय प्रसाद यश पूरण लीन्हें।।

भीमसेन को करहि प्रणामा । गाय सुरन हित जोशी नामा ।।

जोशी जस सुवोध कस गावै । भीमसेन पद शीश नमावै ।।

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